Arunay
An Abstract & Contemporary Hindi Poetry
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0:33 AM
जीवन

जीवन एक अनुबंध है,
सामाजिक प्रतिबंध है,
एक परस्पर संबंध है,
मान्यताओं मे बंद है,
धर्म कर्म मे द्वंद है,
यही तो अंतर्द्वंद है,
जीवन एक निबंध है.
या फिर यह एक छ्न्द है,
कभी कभी तो मतन्ग है,
विरक्त हुआ तो मलंग है,
यानी जीवन तो स्वच्छन्द है,
ईश्वर का एक प्रयोग है,
अपना भी सहयोग है,
जीवन तो आनंद है।

 

 

Views: 326 | Added by: Arun_Tiwari | Tags: Jeevan, hindi poem, hindi poetry | Rating: 5.0/1
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