Arunay
An Abstract & Contemporary Hindi Poetry
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7:05 PM
विश्वास की बात

बात रोटी की नही, बात भूख की हो
बात पानी की नही, बात प्यास की हो
बात हवा की नही, बात स्वांस की हो
बात अंधेरे की नही, बात प्रकाश की हो
बात नफ़रत की नही, बात प्यार की हो
बात जीवन की हो, बात विश्वास की हो 

बात हार की नही, बात जीत की हो
बात हाथ की नही, बात साथ की हो
बात आन की नही, बात दान की हो
बात समास्या की नही, बात समाधानो की हो
बात उलझनो की नही, बात सुलझनो की हो
बात जीवन की हो, बात विश्वास की हो ....बात विश्वास की हो.

 

Views: 552 | Added by: Arun_Tiwari | Tags: Hindi Abstract Poem, hindi poem, Vishwas ki Baat | Rating: 5.0/1
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